Monday, May 18, 2015

कैसे करे उत्तम बीज का चुनाव

भारतवर्ष कृषि प्रधान देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था में कृषि रीढ़ की हड्डी के समान है. हमारे देश प्रदेश में हमारी आजीविका का प्रमुख साधन #कृषि है. हमेशा से और आज भी कृषि उत्पादन में बीजों की भूमिका अत्याधिक महत्वपूर्ण रही है. बीज खेती की नींव का आधार और मूलमंत्र है. अत: उत्तम  गुणवत्ता वाले बीज से, फसलों का भरपूर उत्पादन प्राप्त होता है.

#किसान  भाई जानते हैं, कि उत्तम गुणवत्ता वाला बीज सामान्य बीज की अपेक्षा 20 से 25 प्रतिशत अधिक कृषि उपज देता है. अत: शुद्ध एवं स्वस्थ्य ”प्रमाणित बीज” अच्छी पैदावार का आधार होता है. प्रमाणित बीजों का उपयोग करने से जहां एक ओर अच्छी पैदावार मिलती है वहीं दूसरी ओर समय एवं पैसों की बचत होती है. किसान भाई अगर अशुद्ध बीज बोते व तैयार करते हैं तो उन्हे इससे न अच्छी पैदावार मिलती है और न बाजार में अच्छी कीमत. अशुद्ध बीज बोने से एक ओर उत्पादन तो कम होता ही है और दूसरी ओर अशुद्ध बीज के फलस्वरूप भविष्य के लिए अच्छा बीज प्राप्त नहीं होता है बल्कि अशुद्ध बीज के कारण खेत में खरपतवार उगने से नियंत्रण के लिए अधिक पैसा खर्चा करना एवं अन्त में उपज का बाजार भाव कम प्राप्त होता है, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित लाभ नहीं प्राप्त होता है. यदि किसान भाई चाहें कि उनके अनावश्यक खर्चे घटें और अधिक उत्पादन व आय मिले तो उन्हे फसलों के प्रमाणित बीजों का उत्पादन एवं उपयोग करना होगा.

कृषि उत्पादन में बीज का महत्वपूर्ण योगदान है. एक ओर ”जैसा बोओगे वैसा काटोगे” यह मर्म किसानों की समझ में आना चाहिए इसलिए अच्छी किस्म के बीजों का उत्पादन जरूरी है. दूसरी ओर सर्व गुणों युक्त उत्तम बीज की कमी रहती है. इसलिए बीज उत्पादन को उद्योग के रूप में अपनाकर कृषक जहां स्वयं के लिए उत्तम बीज की मांग की पूर्ति कर सकते हैं, वहीं इसे खेती के साथ साथ #रोजगार स्वरूप अपनाकर अतिरिक्त #आय का साधन बना सकते हैं तथा राज्य के कृषि उत्पादन को बढ़ाने में सहयोग दे सकते हैं.
प्रदेश में बेहतर लक्षणों से युक्त बीजों की मांग बढ़ाने और इसको उपलब्ध कराने में, राज्य स्तर की बीज प्रमाणीकरण संस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अनुसंधान से प्राप्त नई उन्नत किस्मों के केन्द्रक बीज बहुत कम मात्रा में उपलब्ध हो पाता है. बीजों की अनुवांशिक लक्षण एवं गुणवत्ता हर स्तर पर बनी रहे, इसलिए उत्पादित बीजों को तीन श्रेणियों में रखा जाता है.
1. प्रजनक बीज
अनुवांशिक शुध्दता का बीज उत्पादन और उनको कृषकों को उपलब्ध होना, उत्तम प्रजनक बीजों के उत्पादन पर निर्भर रहता है. प्रजनक बीज अधिकृत प्रजनक विशेषज्ञ की देख रेख में तैयार किया जाता है. यह आधार बीज उत्पादन का मूल स्त्रोत होता है. इस बीज की थैली पर सुनहरे पीले रंग का बीज के विवरण का लेबल (टैग) लगा होता है. जिस पर फसल प्रजनक विशेषज्ञ के हस्ताक्षर होते हैं.
2. आधार बीज
यह बीज प्रजनक बीज की संतति होती है. जिसे बीज प्रमाणीकरण संस्था की देखरेख में निर्धारित मानकों पर पाये जाने पर प्रमाणित किया जाता है. आधार बीज की थैलियों पर सफेद रंग का प्रमाणीकर लेबल (टैग) लगा होता है जिस पर संस्था के अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर होते है.
3. प्रमाणित बीज
आधार बीज से द्विगुणन कर प्रमाणित बीज तैयार किया जाता है. जिसे बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा निर्धारित मानक अनुसार पाये जाने पर प्रमाणित किया जाता है. प्रमाणित बीज की थैलियों पर नीले रंग का प्रमाणीकरण लेबल (टैग) लगा होता है. जिस पर संस्था के अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर होते है.

किसान भाई बीजों को पहचाने और सही #बीज का ही चुनाव कर अपनी फसल उत्पादन को बढ़ाएं और ठगे जाने से बचे.

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